Monday, September 10, 2012

गांवओं मैं सरपंच लोग गरीबों का पैसा खा-खा कर हो रहे हैं माला माल

सरपंचजी जिन्हें गाँवओं मैं अदालत, पोलीस अथवा का दर्जा दिया जात हैं आज कल वो ही धोकेबाज होते हैं ! क्यों की गावों में पंचायत होती हैं इसलिए लोग पोलिसे को तो कुछ मानते ही नहीं हैं क्योंकी लोगों का पंचायत में विश्वास होता हैं !
लेकिन जैसा दीखता हैं वैसा ज्यादातर समय होता नहीं हैं आजकल ज्यादातर गावों के सरपंच भ्रष्टाचार के पीड़ित होते हैं उन्हें अपने स्वार्थ के अलावा और सभ दिखना बंद हो जाता हैं वो यह भूल जाते हैं की जिनहोने उन्हें अपना मतदान देकर पंचायत में बताया वे उन्ही के साथ धोका कर रहे हैं 

  • आज कल सरपंच और  पंचायत फैलसे ठाकुरों , अपने रिश्तेदारों अथवा लोगों के पक्ष में लेती हैं
  • आजकल फैसले पैसों के दम पर लिए जाते हैं अमीर लोग पंचायत खरीद लेते हैं
  • गाँव के विकास के लिए सरकार द्वारा आया हुआ पैसा सरपंच खुद खा जाते हैं
  • गाँव के अन्दर सिर्फ सरपंच का घर सुरक्षित होता हैं और पूरे गाँव की पुलिसे का कुछ अत पता नही होता हैं
  • सिर्फ सरपंच और ऊँचे लोगों के बच्चों को ही आच्ची शिक्षा का हक होता हैं क्यों की वे अपने बच्चों को गाँवओं के स्कूलओ में नहीं पर्दते हैं


दोस्तों जागो और अपने ऊपर किसी भी प्रकार का अत्याचार होने ना दो चाहे वह सरपंच द्वारा ही क्यों ना किया जा रहा हो !

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