Friday, February 3, 2012

मेरे जीवन का हर इक पल …….! (भक्तिगीत)

Poem against corruption in India

मेरे जीवन का हर इक पल,
तेरा ही अधिकार,
कर ले तू स्वीकार,
हे प्रभु, तू ही मेरा आधार…….
नाम तेरा मन मन जपता हूँ,
ज्ञान तुम्हीसे ही पाता हूँ,
काज तेरे करता रहता हूँ ,
दान तेरा पा खुश रहता हूँ ,
जो लेता तेरा लेता हूँ ,
जो देता तेरा देता हूँ
कृपा तेरी हो, जीवन मेरा,
हो तुझको उपहार,
तू ही मेरा आधार …….
प्यार तेरा, मेरा अमृत है,
जो भी तू दे, सब स्वीकृत है,
इसीलिये दुःख कठिनाई में,
मन ना माने हार,
तू ही सँवारे भार,
तू ही मेरा आधार …….
भावभक्ति से जीवन जागूँ,
नित्य तेरे भजन गुन गाऊं,
नाम भक्ति में खोता जाऊं
चरणों तेरे मोक्ष मैं पाऊँ,
मन की यही कामना मेरी,
कर दे तू साकार,
तू ही मेरा आधार…………
मेरे जीवन का हरइक पल,
तेरा ही अधिकार,
कर ले तू स्वीकार,
हे प्रभु, तू ही मेरा आधार…….


Poet-Vishvanand

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